कपकोट/बागेश्वर। महिला सशक्तीकरण और गांवों से बढ़ते पलायन को रोकने के उद्देश्य से सीमैप शोध केंद्र पुरड़ा ने कपकोट के धूर गांव में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। ग्रामीण महिलाओं को सगंध पौधों के उत्पादन और उनके लाभ की जानकारी दी गई।
शिविर का शुभारंभ करते हुए सीमैप के तकनीकी अधिकारी प्रवल पीएस वर्मा ने बताया कि जिले में वर्तमान में सगंध और औषधीय गुणों वाले पौधे आय बढ़ाने और पलायन को रोकने का बेहतर जरिया साबित हो सकते हैं। उन्होंने महिलाओं को सगंध पौधे लगाने और उनसे सूखे हर्ब और तेल बनाकर आय अर्जित करने के लिए कहा। महिलाओं को हर्ब निर्माण, आसवन इकाई से तेल निकालने की विधि भी सिखाई गई। महिलाओं को रोजमेरी गार्डन का भी भ्रमण कराया गया। शिविर की सहयोगी संस्था लोक चेतना मंच के विशन रजवार ने महिलाओं से शिविर में प्रशिक्षण का लाभ उठाने और आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए सगंध और औषधीय पौधों का उत्पादन करने की अपील की। इस मौके पर रिसर्च स्कॉलर बृजेश कुमार, कैलाश चंद्र, नीमा देव समेत प्रतिभागी मौजूद रहे। संवाद