वेतन बढ़ोत्तरी, नियुक्ति पत्र और निकाले गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी में रखने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर के कर्मचारियों ने एसडीएम के आश्वासन पर कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया है। कर्मचारियों के काम पर वापस लौटते ही विद्युत उत्पादन सुचारु हो गया है।
भविष्य निधि फंड काटने, श्रम कानून के तहत सभी को वेतन भत्ते व नि:शुल्क आवास, ओवर टाइम का भुगतान, बोनस भत्ता, वेतन नेट बैंकिंग से देने, आईकार्ड उपलब्ध कराने और निकाले गए कर्मियों की वापसी सहित विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर के कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर दिया था। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से पॉवर हाउस में बिजली का उत्पादन ठप हो गया था। कंपनी के अधिकारियों के कपकोट में मौजूद नहीं होने से हड़ताली कर्मियों के साथ वार्ता नहीं हो सकी।
बुधवार को एसडीएम रवींद्र बिष्ट और तहसीलदार पीएस बिष्ट ने हड़ताली कर्मियों के साथ वार्ता की। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों के संबंध में 24 अप्रैल को प्रबंधन से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। वार्ता के लिए कंपनी के अधिकारियों को दिल्ली से बुलाया गया है। एसडीएम की ओर से मिले आश्वासन के बाद पीआरओ नंदन सिंह सहित सभी हड़ताली कर्मी काम पर लौट गए। हड़ताली कर्मचारियों के वापस लौटने के बाद परियोजना में बिजली उत्पादन शुरू हो गया।