कपकोट (बागेश्वर)। सरयू घाटी के दूरस्थ सूपी और झूनी गांव की महिलाओं ने शराब के खिलाफ एक सशक्त मोर्चा खोल दिया है। नशे की लत से परिवारों को बचाने के लिए महिलाओं ने न केवल शराब पर प्रतिबंध लगाया है बल्कि गांव की सीमाओं पर पहरा देना भी शुरू कर दिया है। गांव में आने वाले प्रत्येक वाहनों की महिलाएं तलाशी ले रही हैं।
बीडीसी सदस्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों गांवों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि गांव के भीतर शराब पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी। अब किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या सामाजिक कार्यक्रम में शराब नहीं परोसी जाएगी। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और सामाजिक बहिष्कार करने जैसे कड़े प्रावधान किए गए हैं। नशे के अवैध परिवहन को रोकने के लिए महिलाएं बेहद सतर्क हैं। झूनी की प्रधान पार्वती देवी ने बताया कि गांव में आने वाली प्रत्येक गाड़ी और सवारियों के सामान की गहनता से जांच की जाती है। इसके लिए महिलाओं की सुबह और शाम दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। सूपी गांव की महिलाएं तलाई तोक में चेकिंग करती हैं जबकि झूनी गांव में वहां की महिलाएं मोर्चा संभालती हैं। महिला मंगल दल अध्यक्ष भागुली देवी ने बताया कि चेकिंग के दौरान यदि कोई बाहरी व्यक्ति या बराती शराब लेकर आता है तो शराब को तत्काल जब्त कर लिया जाता है। जब्त शराब को संबंधित व्यक्ति के वापस जाते समय ही लौटाया जाता है। यदि कोई ग्रामीण शराब लाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया जाता है।