बागेश्वर के बागनाथ
मंदिर समेत बुध पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गंगा मैया, गुरु गोरखनाथ आदि
देवी, देवताओं की पूजा हुई। उच्च हिमालय में सहस्त्रधारा का मिलन सरमूल से
निकलकर आई सरयू के साथ होता है। इसी संगम पर गुरु गोरखनाथ, भगवान भोलेनाथ,
दुर्गा, सरयू के मंदिर हैं। गोरखनाथ के मंदिर में गुरु गोरखनाथ आदि देवताओं की पूजा हुई। यहां से छह
किमी दूर बैछम के पास भद्रतुंगा में भी भव्य मेला लगा। वहां मां गंगा आदि
देवी देवताओं के मंदिरों में पूजा हुई। दोनों ही स्थानों पर भंडारा भी हुआ,
जिसमें शामा, नामिक, किलपारा, बदियाकोट, सोराग आदि गांवों से आए सैकड़ों
लोगोें ने शिरकत की।