ब्लॉक कपकोट के सुदूरवर्ती नामतीचेटाबगड़ गांव में उल्टी दस्त से एक महिला की मौत हो गई है जबकि गांव में 24 से अधिक लोग डायरिया से पीड़ित बताए जा रहे हैं। गांव के आयुर्वेदिक अस्पताल के डाक्टर लंबे समय से छुट्टी पर हैं।
पीड़ितों को गांव से सात किमी दूर नाचनी पिथौरागढ़ के अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है। गांव की महिला प्रधान ने स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा टीम भेजने की मांग की है। सीएमओ ने पीएचसी कपकोट के प्रभारी को तुरंत चिकित्सा टीम के साथ प्रभावित गांव में जाने के आदेश दिए हैं।
नामतीचेटाबगड़ गांव में दो दिन पूर्व से उल्टी दस्त का प्रकोप शुरू हो गया है। गांव के भदेना तोक निवासी गोविंद सिंह मेहरा की पत्नी हंसा देवी (40) की हालत काफी खराब हो गई। ग्रामीण उसे डोली में बैठाकर यहां से 20 किमी दूर नाचनी के अस्पताल ले गए। डाक्टरों ने उसकी हालत देखते उसे पिथौरागढ़ जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
शनिवार देर रात उसने वहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान मानुली देवी ने बताया कि इस रोग से लीला देवी, धनुली, लछीमा देवी, पार्वती, परुली देवी, मदन सिंह, जोहार सिंह, बहादुर सिंह, ख्याली दत्त, मयंक, सूरज और प्रिया पस्त पड़ी हैं।
पीड़ित नाचनी के अस्पताल से दवाई ला रहे हैं। गांव के आयुर्वेदिक अस्पताल में लंबे समय से डाक्टर अवकाश पर बताए जा रहे हैं। गांव में पूर्णकालिक एएनएम की भी तैनाती नहीं की गई है।
इस कारण समस्या और भी बढ़ गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शीघ्र चिकित्सा टीम भेजने की मांग की है। इधर सीएमओ डॉ. जेेसी मंडल ने बताया पीएचसी कपकोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी को तुरंत चिकित्सा टीम और दवाइयां लेकर प्रभावित गांव में जाने के निर्देश दिए हैं। टीम दवाई वितरण कि साथ ही पानी के सैंपल लेगी।