बिलौना क्षेत्र में अवैध रूप से हो रही शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। महिला मंगल दल के नेतृत्व में महिलाओं ने कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उधर दांणूछीना से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई। क्षेत्रवासियों ने लिखित आश्वासन के बावजूद शराब की दुकान न हटाने पर 22 जुलाई को धरना प्रदर्शन और चक्काजाम की चेतावनी दी है।
बुधवार को जुलूस की शक्ल में जिला कार्यालय पहुंची महिलाओं ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि बिलौना क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। शराबियों के कारण आम लोगों का जीना दूभर हो गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर पुलिस एक दो दिन क्षेत्र में आती है। इसके बाद फिर से वही क्रम शुरू हो जाता है। महिलाओं ने कहा कि अब महिला मंगल दल स्वयं शराब का कारोबार करने वाले संदिग्ध लोगों के घरों और दुकानों में छापेमारी करेगा।
यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो इसका जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा। डीएम के भ्रमण पर होने की जानकारी के बावजूद महिलाएं कार्यालय के बाहर धरने पर डटी रहीं। डीएम के पहुंचने के बाद ज्ञापन सौंपकर ही महिलाएं घरों को लौटीं। प्रदर्शन करने वालों में पार्वती देवी, चंपा देवी, जीवंती देवी, बसंती देवी, बचुली देवी, हेमा देवी, हेमा जोशी आदि थे।
उधर, दाणोंछीना से देशी शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र के महिला और पुरुष सड़कों पर उतर आए। दोणोंछीना में एकत्रित होकर क्षेत्रवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि पूर्व में आबकारी विभाग द्वारा 15 दिन में शराब की दुकान हटाने का आश्वासन दिया था। एक माह बीतने के बाद भी दुकान को नहीं हटाया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि 21 जुलाई तक शराब की दुकान नहीं हटाई जाती है तो 22 से दाणोंछीना में धरना प्रदर्शन व चक्काजाम किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में जनसंघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र, सचिव महेश चंद्र, ओम प्रकाश टम्टा, बौड़ी प्रधान मोहन सिंह रावत, मनोज भट्ट, रेखा भट्ट, विद्या, निर्मला, हंसी देवी, पार्वती, तुलसी, हेमा, सरस्वती, भगवती, आशा देवी, जानकी लटवाल आदि थे।