कपकोट में श्रम दान कर नहर बनाती महिलाएं।
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कपकोट में महिलाओं ने एक बार फिर सिंचाई विभाग को आइना दिखाया है। उन्होंने श्रम दान कर बंद पड़ी नहर को चालू किया। इससे दर्जनों किसानों के खेतों में पानी मिलने की उम्मीद है।
कपकोट में सिंचाई व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। अधिकांश नहरें बंद होने से खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। वहीं इस समय रोपाई का समय है। कहीं सुनवाई नहीं होते देख मातृ शक्ति ने खुद ही कमान संभाल ली है। सभासद तनुज तिरुवा के नेतृत्व में महिलाओं ने नदी में क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत कर पानी सुचारु करवाया। पानी आने से कपकोट के दर्जनों काश्तकारों को सिंचाई में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि सिंचाई पानी के लिए कई दफा सिंचाई विभाग के यहां गुहार लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अंत में हार कर उन्होंने खुद नहर बनाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सिंचाई विभाग ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो उग्र आंदोलन होगा। वहां पानुली देवी, गीता देवी, भागीरथी, नंदी कांडपाल, विमला तिरुवा, मुन्नी बिष्ट, भागुली देवी, चंपा, रेखा, सरला, सावित्री उपाध्याय, नीमा कांडपाल आदि थीं।