कपकोट (बागेश्वर)। क्षेत्र के दूरस्थ झूनी गांव की महिलाओं ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोलकर समाज को नई राह दिखाई है। गांव को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ यहां की महिलाएं खुद लाठी हाथ में लेकर गाड़ियों की चेकिंग कर रही हैं। इसी अभियान के तहत महिलाओं ने गांव पहुंची एक बरात की गाड़ी से बीयर और शराब बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया।
झूनी गांव में महिलाओं ने आपसी सहमति से शराब पीने और पिलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। नियम का पालन कराने के लिए गांव की महिलाओं ने टोलियां बनाई हैं, जो बारी-बारी से गांव की सड़कों और प्रवेश द्वारों पर पहरा देती हैं। सामाजिक कार्यों या शादी-ब्याह के आयोजनों में शराब परोसने वालों के खिलाफ सख्त जुर्माने और सामाजिक बहिष्कार का प्रावधान किया गया है। बीते दिनों क्षेत्र में पेठी गांव से एक बरात पहुंची तो नियमानुसार पुष्पा देवी, मोहिनी देवी, खिला देवी और खष्टी देवी सहित अन्य महिलाओं ने गाड़ियों की तलाशी शुरू की।
इस दौरान एक वाहन में बीयर और शराब की बोतलें छिपाकर रखी मिलीं। महिलाओं ने बिना किसी संकोच के सभी बोतलों को सड़क पर ही तोड़कर नष्ट कर दिया। महिलाओं के इस बुलंद हौसले को देखकर बरातियों ने भी कोई विरोध नहीं किया और अभियान की सराहना की। क्षेत्र में महिलाओं के इस अभियान की चारों ओर चर्चा हो रही है। झूनी गांव की इस पहल से प्रेरित होकर अब आसपास के अन्य गांवों में भी शराब बंदी को लेकर स्वर मुखर होने लगे हैं।