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पीड़ा की नई कहानी: दो लकड़ियों के बीच में कुर्सी बांधकर महिला को सड़क तक पहुंचाया, जानें क्या बोल जिम्मेदार?

Tue, 29 Apr 2025 03:27 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर

सार

कपकोट क्षेत्र के लीती गांव के लोजियाधार तोक में सड़क न होने के कारण एक महिला घंटों पेट दर्द की पीड़ा से कराहती रही। मजबूरी में ग्रामीणों ने जुगाड़ की डोली बनाकर पांच किमी पैदल चलकर सड़क तक उसे पहुंचाया। उसके बाद 150 किमी निजी वाहन से पिथौरागढ़ ले गए।
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पगडंडी के सहारे पैदल महिला को अस्पताल ले जाते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य के पहाड़ी इलाकों में आज भी स्वास्थ्य और सड़क की बदहाल व्यवस्था से मरीजों को घंटों तड़पने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ताजा मामला बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र का है। यहां के लीती गांव के लोजियाधार तोक में सड़क न होने के कारण एक महिला घंटों पेट दर्द की पीड़ा से कराहती रही। मजबूरी में ग्रामीणों ने जुगाड़ की डोली बनाकर पांच किमी पैदल चलकर सड़क तक उसे पहुंचाया। उसके बाद 150 किमी निजी वाहन से पिथौरागढ़ ले गए।

मंजू देवी (42) पत्नी मान सिंह कोरंगा के पेट में अचानक तेज दर्द उठा। ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो वे महिला के घर पहुंचे। गांव में डोली तक नहीं थी। ग्रामीणों ने दो लकड़ियों के सहारे रस्सी से प्लास्टिक की कुर्सी को बांधकर जुगाड़ लगाया। इसके बाद बदहाल रास्तों पर अपनी जान की परवाह किए बिना महिला को लीती बाजार पहुंचाया। यहां से निजी वाहन में उसे पिथौरागढ़ जिला अस्पताल भेजा गया।

मान सिंह कोरंगा ने बताया कि उनकी पत्नी मंजू लंबे समय से लीवर की समस्या से जूझ रही है। पिछले माह हल्द्वानी के एक अस्पताल में उसकी सर्जरी कराई गई थी। इसके बाद से लगातार परेशानी हो रही थी। बागेश्वर जिला अस्पताल में दो बार दिखाने के बाद भी आराम नहीं मिला। ग्रामीण जगदीश सिंह कोरंगा ने बताया कि जब भी अस्पताल ले जाना होता है तो इसी तरह जुगाड़ से डोली बनाकर रोगियों को सड़क तक पहुंचाया जाता है।

सड़क के इंतजार में पथरा गईं आंखें

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ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से गांव के लिए सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है। गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं। शामा-डांगती सड़क से भी लोजियाधार, बहिला और बहेड़ी तोक को जोड़ा जा सकता है।

डोली ही मिल जाए
ग्रामीणों की परेशानी सड़क ही नहीं बल्कि बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं भी हैं। आपात स्थिति के लिए डोली ही उपलब्ध नहीं कराई गई है।

बोले जिम्मेदार

सड़क पहुंचाने के लिए वनभूमि की समस्या आ रही है। सर्वे भी कराया गया है। कई बार मामले को विधानसभा में भी उठाया है। सड़क बनाने का मामला फिर सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। -सुरेश गढि़या, कपकोट विधायक

लीती से लोजियाधार को जोड़ने के लिए सड़क का सर्वे कर प्रथम चरण के लिए आगणन बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। -एके पटेल, ईई लोनिवि कपकोट

लीती गांव के लोजियाधार तोक को आज तक डोली क्यों नहीं मिली, इसकी जांच कराई जाएगी। जल्द ही गांव वालों को डोली दी जाएगी। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर

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