कपकोट में निजी कंपनी की 33 केवी लाइन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई है। पेड़ पर अटकी महिला की लाश को एसडीआरएफ की टीम ने नीचे उतारा। महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और कंपनी से प्रभावित परिवार को मुआवजा देना की मांग की। एसडीएम और कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।
रविवार को कपकोट के बमसेरा निवासी आनंदी देवी (45) पत्नी गोविंद राम पेड़ से जानवरों के लिए चारा काट रही थी। इस दौरान वह पेड़ के ऊपर से गुजर रही उत्तर भारत हाइड्रो पावर कारपोरेशन कंपनी की 33 केवी लाइन की चपेट में आकर झुलसकर मौत हो गई। शव नीचे उतारने के लिए एसडीआरएफ की टीम को मशक्कत करनी पड़ी। मौत से नाराज ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार कहने के बाद भी बिजली कंपनी ने झूलते तारों को नहीं हटाया। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली आनंदी का पति मजदूरी कर जीवन यापन करता है। वह भी पति का हाथ बंटाकर चार बच्चों का भरण पोषण करती थी।
इधर हादसे के बाद निजी कंपनी के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने कंपनी से मुआवजा देने की भी मांग की। इधर सूचना पर कपकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों को समझा कर मामला शांत कराया। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।