बागेश्वर। अवैध शराब की निगरानी के लिए बनाया गया आबकारी महकमा अधिकारी, कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी विभाग के कार्यों में बाधा बन रही है। महकमे में करीब 60 फीसदी पद खाली हैं। निरीक्षक के पद खाली होने से शराब तस्करी रोकने के लिए जरूरी छापेमारी भी प्रभावित हो रही है।
आंकड़ों के मुताबिक आबकारी विभाग में स्वीकृत 11 पदों में से छह पद खाली हैं। विभाग में आबकारी निरीक्षक, उपनिरीक्षक, प्रधान सिपाही, वाहन चालक के एक-एक पद खाली हैं, जबकि आबकारी सिपाही के स्वीकृत तीन पदों में से दो खाली हैं। जिला आबकारी अधिकारी निरीक्षक का कार्य भी देख रहे हैं। वर्तमान में लिपिक, सहायक लेखाकार, आबकारी सिपाही, अनुसेवक के पद पर एक-एक कर्मचारी नियुक्त हैं। आबकारी विभाग में कर्मचारियों की कमी के चलते अवैध शराब की बरामदगी और नशे के खिलाफ जागरूकता समेत तमाम कार्य प्रभावित हो रहा है। जिला आबकारी अधिकारी गोविंद सिंह मेहता का कहना है कि अधिकारी, कर्मचारियों के रिक्त पदों पर तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
आबकारी विभाग ने तीन साल में 1620.66 लीटर शराब पकड़ी
बागेश्वर। आबकारी विभाग ने तीन साल में 1620.66 लीटर अवैध शराब पकड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक आबकारी विभाग ने वर्ष 2020-21 में 11 लोगों को 81.20 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। वर्ष 2019-20 में 30 लोगों को 304.580 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। वर्ष 2018-19 में 73 लोगों को 1234.88 लीटर शराब के साथ पकड़ा है। आबकारी विभाग ने तीन साल में 114 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने तीन साल में शराब के साथ 240 लोग धरे
बागेश्वर। जिला शराब तस्करी के लिहाज से काफी संवेदनशील है। पुलिस ने तीन साल में अवैध शराब के 209 मामलों में 240 लोगों को गिरफ्तार किया है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में पुलिस ने अवैध शराब के 85 मामलों में 88 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 1208 बोतल अंग्रेजी, 259 बोतल देसी और 405 बोतल कच्ची शराब बरामद की है। वर्ष 2019 में पुलिस ने अवैध शराब के 93 मामलों में 112 लोगों को गिरफ्तार किया था। 13617 बोतल अंग्रेजी, 3695 बोतल देशी, 252 बोतल कच्ची शराब की बरामद की थी। वर्ष 2018 में पुलिस ने अवैध शराब के 31 मामलों में 40 लोग गिरफ्तार किए और 2440 बोतल अंग्रेजी, 108 बोतल देसी, 26 बोतल कच्ची बरामद किए थे।