मानकों के अनुसार खनन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैज्ञानिक ढंग से माइनिंग को मंजूरी नहीं दी जाएगी। जो खनन पट्टा धारक कमेटी की रिपोर्ट के अनुरूप मानकों को पूर्ण नहीं करता है तो पट्टा निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह बात जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने खनन पट्टा धारकों की बैठक में कही।
कलेक्ट्रेट सभागार में खनन पट्टाधारकों की बैठक लेते हुए उन्होंने कहा कि एनजीटी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कुछ खनन पट्टाधारकों द्वारा मानकों को पूर्ण नहीं किया जा रहा है। ऐसे खनन पट्टा धारकों को कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार मानकों को पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी को कमेटी की रिपोर्ट का पालन करना अनिवार्य होगा। स्वीकृत खनन क्षेत्र से बाहर खनन पर किसी तरह से अनुमति नहीं दी जाएगी। माइनिंग प्लान के अनुसार कार्य करें। सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द करना नदी, नालों में मलबा डालने और पानी के स्रोतों को क्षति पहुंचाना, रास्तों को ध्वस्त करना कतई क्षम्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कमेटी की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार डंपिंग जोन में चारों ओर वाउंड्री वॉल का होना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पट्टा क्षेत्र का पर्यावरणीय अनुमति का होना अनिवार्य है। पट्टा क्षेत्र का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन के लिए सहमति प्रमाण पत्र के बिना खनन की अनुमति अनुमन्य नहीं होगी। उन्होंने मजदूरों के रहने के लिए टेंटों की व्यवस्था के निर्देश दिए जो कमेटी की रिपोर्ट में भी दर्ज हैं। बैठक में उपजिलाधिकारी बागेश्वर एसएस राणा, कपकोट रवींद्र सिंह बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी दिनेश खेतवाल मौजूद थे।