मोक्ष दायिनी सरयू नदी को गंदगी से मुक्त बनाने को लेकर प्रशासन ने भी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। डीएम ने सरयू नदी के घाटों की सफाई व्यवस्था भी गंगा की तर्ज पर करने को कहा है। उन्होंने नगरपालिका को सरयू नदी को दूषित करने और घाटों में कपड़े धोने वालों से दंड वसूलने के निर्देश दिए हैं।
लोगों के पाप धोने वाली सरयू नदी को गंदगी मुक्त करने को लेकर अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान का असर धीरे-धीरे रंग ला रहा है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने भी सरयू नदी में कूड़ा डालकर पानी को दूषित करने को गंभीरता से लिया है। डीएम ने रविवार को सरयू नदी के घाटों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था देखी। इस दौरान उन्होंने सरयू नदी के स्नान घाटों पर स्थानीय लोगों द्वारा कपड़े सुखाने तथा धोने के साथ ही नदी को गंदा करने पर सख्त नाराजगी जताई।
उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से नदी को प्रदूषण मुक्त करने और स्थानीय लोगों को घाट में कपड़े धोने से रोकने के लिए सूचना पट लगाने को कहा। जिलाधिकारी ने आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर दंड लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने नगरपालिका से नदी के दोनों किनारों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही सरयू नदी पर बने झूला और मोटर पुल के दोनों ओर बिखरे कूड़े को हटाने को कहा है। डीएम ने कहा है सरयू का विशेष धार्मिक महत्व है। इसको देखते हुए गंगा की तर्ज पर ही सरयू के घाटों की सफाई की व्यवस्था की जानी चाहिए।