बागेश्वर। मानसून काल में कभी बारिश, कभी उमस भरा मौसम सेहत के लिए हानिकारक हो रहा है। करवट बदलते मौसम के कारण लोगों में पेट और आंख की बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। चिकित्सक मरीजों का इलाज करने के साथ-साथ खानपान का विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में सोमवार और मंगलवार को जांच कराने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ी। जांच कराने वाले मरीजों में अधिकतर जुकाम, बुखार, उल्टी, दस्त, पथरी और आई फ्लू से ग्रसित थे।
फिजीशियन चंद्र मोहन भैसोड़ा ने बताया कि बारिश के दिनों में साफ पानी नहीं पीने से ही कई बीमारियां हो जाती हैं। बताया कि उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन आई फ्लू की शिकायत लेकर अधिक रोगी आ रहे हैं। रोजाना औसतन 10-12 मरीज आंख संबंधी परेशानी लेकर आ रहे हैं।
बंदर के काटने वालों की संख्या भी बढ़ी
बागेश्वर। जिला अस्पताल में बीमार के अलावा बंदर के काटने से जख्मी मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष के रिकॉर्ड के अनुसार रोजाना दो से तीन लोग बंदर के काटने से जख्मी इलाज कराने आ रहे हैं। हालांकि इमरजेंसी में रेबीज की वैक्सीन नहीं मिलने और ओपीडी बंद होने के बाद आने वाले लोगों को बाहर से वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में इन दिनों मरीज बढ़े हैं। अस्पताल के वार्ड में 85 बेड हैं, 50 से अधिक बेड मरीजों से भर गए हैं। अस्पताल में रेबीज की वैक्सीन पर्याप्त हैं। फ्रीज नहीं होने के कारण इंजेक्शन को आपातकालीन कक्ष में नहीं रखा जा सकता है। - डॉ. वीके टम्टा, सीएमएस जिला अस्पताल बागेश्वर