बागेश्वर। बागेश्वर में आत्महत्याओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2023 से अब तक 26 लोगों की मौत जहर खाने से हुई है। इसमें एक मामला नदी में कूदने का भी है। इन मामलों में मृतक के तनाव में रहने की बात भी सामने आई है।
जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष के रिकार्ड के अनुसार इस वर्ष जनवरी में जहर खाने से चार लोगों की मौत हुईं। फरवरी में दो, मार्च में दो, अप्रैल में तीन, मई में एक, जून में सात, जुलाई में पांच लोगों की मौत जहर खाने या अन्य कारणों से हुई है। अगस्त में अब तक दो लोगों की मौत हुई है।
बीते एक अगस्त को एक बुजुर्ग ने सरयू नदी में कूदकर जान दी। पुलिस ने इस मामले में बुजुर्ग के मानसिक तनाव में होने की बात कही। बताया कि कुछ समय पहले पुत्र की मौत के बाद से बुजुर्ग तनावग्रस्त थे। एक अन्य मामले में एक युवक का शव घर के भीतर फंदे में लटका मिला था। परिजन धोखे से कीटनाशक पीने संबंधी बयान पुलिस को देते रहे। कुल मिलाकर आठ महीने में 26 लोगों की मौत कई सवालों को जन्म दे रही है। आत्महत्याओं की वजह तलाशने के साथ ही मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों की काउसिलिंग की जरूरत महसूस की जाने लगी है।
तनाव होने पर लें मनोचिकित्सक की सलाह : डॉ. पोखरिया
बागेश्वर। डिप्टी सीएमओ/मनोचिकित्सा का प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. हरीश पोखरिया का कहना है कि आठ महीने के अंतराल में आत्महत्या के 26 मामले सामने आना चिंता का विषय है। किसी भी तरह का मानसिक तनाव होने पर मनोचिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए। इसमें हिचकिचाना नहीं चाहिए। डाॅ. पोखरिया ने किसी प्रकार की मानसिक पीड़ा होने पर संपर्क करने को कहा है। उन्होंने कहा कि वह सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे लोगों की मदद करने के लिए तैयार हैं। इस तरह की समस्या होने पर कभी भी फोन नंबर 7055335220 पर संपर्क किया जा सकता है। संवाद
चिकित्सक की सलाह
- अपने शरीर और दिमाग को शांत करने के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम 30 मिनट के लिए गहरी सांस लेने का व्यायाम करें।
- नियमित रूप से हार्मोन रिलीज करने और तनाव कम करने के लिए रोजाना सुबह और शाम 30 मिनट तक घूमे या योग करें।
- समय का बेहतर प्रबंध कर ओवरलोड को रोकने के लिए अपने कार्यों को व्यवस्थित करें और प्राथमिकता दें।
- बहुत अधिक तंबाकू या शराब का सेवन चिंता बढ़ा सकता है।
- सहायता और समझ के लिए अपने मित्र, परिवार या चिकित्सक से बात करें।