बागेश्वर। बारिश न होने के कारण मनकोट गांव का प्राचीन नौला सूख गया है जबकि कलना बैंड के धारे में भी पानी बहना बंद हो गया है। मनकोट गांव में पीने के पानी के अन्य कोई स्रोत नहीं होने के कारण ग्रामीण पानी के लिए 14 किमी दूर जिला मुख्यालय आ रहे हैं।
टैक्सियों के जरिए पानी ले जाने पर उन्हें एक कनस्तर 20 से 30 रुपये पड़ रहा है। नौला सूखने के कारण गरीब लोगों की समस्या और विकट हो गई है। पानी के लिए मवेशी भी परेशान हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीने का पानी शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
सूखे के कारण मनकोट गांव में पीने के पानी को लेकर हाकाकार मचा है। भीषण गर्मी के कारण गांव का एकमात्र नौला भी सूख चुुका है। गांव में पानी के और स्रोत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दूषित गधेरों का पानी का सहारा लेना पड़ रहा है।
गंदे पानी से बीमारी फैलने की आंशका बनी है। कई लोग टैक्सियों के जरिए नगर में बह रही सरयू और दुुग बाजार स्थित श्री नौला से पानी भरकर ले जा रहे हैं। टैक्सी से पानी ले लाने पर उन्हें 20 से 30 रुपये प्रति कनस्तर पड़ रहा है।
ग्रामीण गोपाल दत्त बलसूनी ने बताया कि गांव के लिए बनी पेयजल योजना के नलों से पानी बूंद बूंदकर टपक रहा है। एक बाल्टी पानी भरने में काफी समय लग जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल संस्थान से योजना में पानी की पर्याप्त आपूर्ति के लिए कई बार कह दिया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पानी की शीघ्र पर्याप्त उपलब्धता नहीं हुई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इधर पेयजल संस्थान के एई आरएस विश्वकर्मा ने बताया कि सूखे के कारण स्रोत में पानी की मात्रा कम हो गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित जेई को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान कराने के प्रयास किए जाएंगे।