बागेश्वर। कनलगढ़ घाटी के पौंसारी गांव में धीरे-धीरे व्यवस्थाएं बहाल हो रही हैं। गांव में सड़क और पानी के बाद बिजली आपूर्ति भी बहाल करा दी गई है। जिला प्रशासन आपदा के बाद से क्षेत्र में व्यवस्थाओं को सुचारू करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करा रहा है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद जनजीवन को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विगत 28 अगस्त की रात कनलगढ़ घाटी के पौंसारी, बैसानी, सुमटी, नानकन्यालीकोट, जगथाना आदि गांवों पर भारी पड़ी थी। आसमान से बरसी आफत ने सड़कों के साथ बिजली और पेयजल लाइनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। 20 से अधिक पोल टूट गए थे। कन्यालीकोट से आगे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।
पौंसारी गांव के साथ ही बैसानी, सुमटी में भी पेयजल संकट गहरा गया था। आपदा की गंभीरता को देखते हुए तीन दिन तक विधायक, डीएम और एसपी मौके पर जमे रहे। विधायक सुरेश गढि़या अब भी क्षेत्र में हैं। प्रशासन की सक्रियता से तेजी से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम चला।
पांच दिन में आपदा प्रभावित पौंसारी गांव में पानी, बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ ही यातायात भी सुचारू करा दिया गया है।
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कनलगढ़ घाटी की आपदा से संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ था। मौके पर रहकर संबंधित विभागों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अब पौंसारी गांव में बिजली, पानी और यातायात सुविधा दुरुस्त हो गई है। - आशीष भटगांई, डीएम, बागेश्वर
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क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बावजूद 150 से अधिक श्रमिक व्यवस्थाओं को सुधारने में लगे हैं। डीएम, एसपी समेत सभी विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैदी से हालात सामान्य करने में लगे हैं। सुमटी और जगथाना की सड़क को खोलने का काम चल रहा है। जल्द ही क्षेत्र के जनजीवन को पटरी पर लाने का प्रयास किए जा रहे हैं। - सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट