बागेश्वर। आरे के समीप जखेड़ा पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से नगरपालिका और ग्रामीण क्षेत्र अड़ोली में पेयजल संकट पैदा हो गया है। आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी जुटाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने विभाग से जल्द पेयजल समस्या का निदान करने की मांग की है।
शनिवार को आरे के समीप कभड़ भ्योल में हुए भूस्खलन की चपेट में आने जखेड़ा पेयजल योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। ऊपर से मलबा गिरने के कारण पाइप दब भी गए हैं। बाद में सड़क खुलवाने के दौरान फिर से मलबा डाला गया है। जिसके कारण पाइप लाइन को तत्काल दुरुस्त करना भी संभव नहीं है।
योजना के क्षतिग्रस्त होने से नगरपालिका क्षेत्र के कठायतबाड़ा, लोनिवि कॉलोनी, ठाकुरद्वारा, स्टेशन मार्ग और अड़ौली गांव में जल संकट गहरा गया है। लोगों को पानी जुटाने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जल स्रोत नहीं होने से अधिक परेशानी हो रही है।
इधर, जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी ने कहा कि जिन स्थानों में पेयजल संकट है, वहां टैंकर की मदद से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। कठायतबाड़ा क्षेत्र में पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
गरुड़ में भी पेयजल संकट
गरुड़ (बागेश्वर)। नगर क्षेत्र और नगर से लगे एक दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने जल संस्थान से पेयजल की आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
गरुड़ गंगा का जलस्तर बढ़ने से जल संस्थान की पाइप लाइन देवनाई के पास क्षतिग्रस्त हो गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से जल संस्थान के मजदूर योजना को दुरुस्त करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है।
गरुड़ पंपिंग योजना में तकनीकी दिक्कत आने से टीट बाजार, भकुनखोला, बैजनाथ, स्याल्दे टीट,गढ़सेर, पाये, सिल्ली, दर्शानी, नौघर, बिमोला आदि कस्बों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हुई। भकुनखोला के पूर्व प्रधान दयाल गिरी गोस्वामी का कहना है कि जल संस्थान उपभोक्ताओं से पानी का बिल बराबर ले रहा है।
उन्होंने डीएम से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों ने डीएम से नगर क्षेत्र में योजना दुरुस्त न होने तक टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।