बागेश्वर के तहसील रोड स्थित हैंडपंप से रात में पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सरयू और गोमती नदी से घिरा होने के बाद भी बागेश्वर में पेयजल का जबरदस्त संकट है। लोगों को जरूरत का आधा भी पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग देर रात तक हैंडपंप और जलस्रोतों से पानी की आपूर्ति करते हैं।
50 हजार की आबादी वाले बागेश्वर नगर को रोज 7.26 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन मिल रहा है मात्र 3.60 एमएलडी पानी। नियमों के हिसाब से प्रत्येक व्यक्ति को रोज 140 लीटर पानी मिलना जाहिए। पानी की कमी से जिला मुख्यालय के लोग बेहद परेशान हैं। तहसील रोड के साथ ही मंडलसेरा के कई इलाकों एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। तहसील रोड पर तो रात के 11 बजे पानी दिया जाता है। पानी के अभाव के चलते लोग जलधारों और हैंडपंपों पर निर्भर हो गए हैं। जलधारों और हैंडपंपों पर देर रात तक लोगों की लाइन लगी रहती है। बच्चे, महिलाएं, युवा सुबह से शाम तक पानी के इंतजाम करते थक जाते हैं।
नगर में पानी की किल्लत को दूर किया जाना चाहिए। दो-दो नदियां होने के बाद भी पेयजल किल्लत दूर न होना तमाम सवाल खड़े करता है।
- भुवन चंद्र जोशी
सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर में पानी की किल्लत दूर न होना सरकार और जनप्रतिनिधियों की नाकामी है। पानी का संकट दूर होना चाहिए।
- शिव सिंह नेगी
घर पर पानी का संयोजन नहीं है। दिनभर परिवार के लोगों को पानी के ही इंतजाम में जुटे रहना पड़ता है। सभी को पानी के संयोजन मुफ्त मिलने चाहिए।
- भीम कुमार
जिला मुख्यालय की पानी की किल्लत को दूर करने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है। 11.21 करोड़ लागत की मंडलसेरा पेयजल योजना का निर्माण कार्य चल रहा है। 65 करोड़ रुपये की लागत से जखेड़ा पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। इन योजनाओं के बनने के बाद दिक्कत दूर हो जाएगी।
- चंदन राम दास, विधायक बागेश्वर।