बागेश्वर के श्रीनौला धारे से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय में सदानीरा सरयू और गोमती नदी बहती हैं। कई अन्य प्राकृतिक जलस्रोत भी हैं। इसके बावजूद नगर के लोगों को जिला बनने के 23 वर्ष बाद भी पीने का पर्याप्त पानी तक नहीं मिल पाया है। पानी के अभाव में लोग हैंडपंप और प्राकृतिक जलधारों पर निर्भर हैं।
करीब 50 हजार की आबादी वाले बागेश्वर नगर को रोज 7.28 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन कई योजनाओं से केवल 3.60 एमएलडी पानी मिल रहा है। पानी का संकट इतना गंभीर है कि तहसील रोड, मंडलसेरा में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाती है। तहसील रोड में घनी आबादी है। तहसील रोड में रात को 11 बजे और दिन के 11 बजे एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। लोगों को पानी भरने के लिए देर रात तक जागना पड़ता है। सुबह 11 बजे पानी की सप्लाई होने से कामकाजी लोग पानी नहीं भर पाते हैं।
पानी की कमी के कारण तहसील रोड के हैंडपंप पर देर रात तक लोगों का जमावड़ा रहता है। जिला अस्पताल के पास स्थित श्रीनौला धारे में भी सुबह से रात तक लोगों की लाइन लगी रहती है। पानी की कमी से लोग परेशान हो उठे हैं। नगर के लिए मंडलसेरा से पानी की योजना बन रही है। जखेड़ा पेयजल योजना का पुनर्गठन होना है। इन दोनों योजनाओं का काम पूरा होने के बाद ही नगर की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ हो पाएगी।
तहसील रोड को पानी की टंकी की क्षमता कम होने से दिक्कत आ रही है। जीआईसी के पास नई टंकी का निर्माण हो रहा है। दो महीने में नई टंकी बन जाएगी। उसके बाद तहसील रोड को रोज पानी दिया जाएगा। मंडलसेरा में पेयजल निगम योजना का निर्माण कर रहा है। योजना बनने के बाद पेयजल आपूर्ति में सुधार होगा।
- दीनदयाल, सहायक अभियंता, जल संस्थान, नगरीय क्षेत्र बागेश्वर।