बागेश्वर। आखिरकार स्थानीय वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा की पर्यावरण संरक्षण की मुहिम पर मुख्यमंत्री की नजर पड़ ही गई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ट्वीट कर मलड़ा के कार्यों को प्रेरणादायी बताया है। इससे मलड़ा के प्रकृति संरक्षण के आंदोलन को धार मिलने की उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट किया कि कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए किशन सिंह मलड़ा के कार्य न केवल प्रशंसनीय हैं बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने वाले भी हैं। मोहल्ला मंडलसेरा निवासी मलड़ा 35 वर्षों में 6.80 लाख पौधों को पेड़ बना चुके हैं।
धरती को हराभरा बनाए रखने के लिए उन्होंने वर्ष 1986 से पौधरोपण की मुहिम शुरू की थी। वह अपनी नर्सरी में विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार करते हैं और लोेगों को निशुल्क पौधे उपलब्ध भी कराते हैं।
उनका लक्ष्य इस बरसात में 70 हजार पौधे रोपना है। उनके प्रयासों से मलड़ाखोला के सूखे जलधारे में वर्ष 2004-05 से दोबारा पानी आने लगा है। धौलाणी में बनाए गए जंगल से वहां पानी का स्रोत फूट पड़ा है। पौधरोपण से डुंगमाड़ और नौला गधेरे का पानी बढ़ गया है।
पेड़, पौधे लगाकर धरती की शोभा बनाए रखना प्रत्येक मानव की जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी से भागा नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने मेरे कार्यों का संज्ञान लिया, इसके लिए हम उनके आभारी हैं।
- किशन सिंह मलड़ा, वृक्षपुरुष बागेश्वर।