गरुड़ में तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करते मन्यूड़ा के ग्रामीण
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हुनेरा नाले से पुरुड़ा ग्राम पंचायत द्वारा अपनी वर्षों पुरानी पेयजल योजना का पुनर्निर्माण करने से गुस्साए मन्यूड़ा के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर पद्रर्शन किया। मन्यूड़ा के ग्रामीण नारेबाजी करते सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। वहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पुरुड़ा ग्राम पंचायत ने हुनेरा नदी का अधिकांश पानी लेकर मन्यूूड़ा के ग्रामीणों को पेयजल के लिए मोहताज कर दिया है। वक्ताओं ने कहा कि वह अपने पेयजल स्रोत के आगे से किसी भी हालत में पुरुड़ा के ग्रामीणों को पानी नहीं ले जाने देंगे।
सभा को पंकज कंसेरी, प्रकाश खुल्वे, तारा दत्त, खीमानंद, मन्यूड़ा की प्रधान तारा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य भवानी राम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंकर राम, शोभा देवी, अनिल पंत, भुवन बडसीला गीता आदि ने संबोधित किया। एसडीएम सुंदर सिंह ने कहा कि वह शीघ्र मौके पर जाएंगे।
पुरुड़ा का पेयजल स्रोत 34 साल पुराना : थायत
गरुड़ (बागेश्वर)। पुरुड़ा के प्रधान जशवंत सिंह थायत, कंचन सिंह थायत का कहना है कि पुरुड़ा ग्राम पंचायत के लिए पानी की सप्लाई के लिए हुनेरा नदी से चौंतीस साल पूर्व से योजना बनी है। ग्राम पंचायत पुरुड़ा का पेयजल स्रोत मन्यूड़ा के पेयजल स्रोत से बहुत दूर है। मन्यूड़ा के ग्रामीणों का विरोध करना न्याय संगत नहीं है।