बागेश्वर। दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र के पीएचसी उद्यमस्थल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी बदहाल हो गई हैं।
मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने और कर्मचारियों की मनमानी से गुस्साए ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। करीब 10 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में एकमात्र अस्पताल होने के बावजूद मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार को अस्पताल पहुंचे मरीज गोपाल सिंह, खिमुली देवी ने जब केंद्र बंद देखा, तो उन्होंने वहां तैनात वार्ड बॉय विनोद पांडेय से फोन पर संपर्क किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वार्ड बॉय ने उनके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इस व्यवहार से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। बाद में पोलियो प्रशिक्षण के लिए पहुंची एक आशा कार्यकर्ता ने ताला खोला, तब जाकर अस्पताल की गतिविधियां शुरू हो सकीं।
स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह और प्रताप सिंह समेत अन्य लोगों ने अभद्र व्यवहार करने वाले कर्मचारी को तत्काल हटाने और नियमित डॉक्टर की तैनाती की मांग की है।
मामले में कपकोट की एमओआईसी डॉ. अनुभा ने बताया कि वार्ड बॉय विनोद पांडेय के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई चल रही है। डॉ. मनीष गुरुरानी अस्पताल के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में उनकी स्कूटी खराब होने के कारण वे समय पर नहीं पहुंच सके।