गरुड़ के सेलकुना से बीमार बुजुर्ग को कुर्सी के सहारे अस्पताल लाते ग्रामीण।
गरुड़(बागेश्वर)। सड़क सुविधा न होने के कारण गरुड़ तहसील के सेलकुना गांव में आज भी मरीजों और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
हाल ही में एक बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें कुर्सी पर बैठाकर और अपनी पीठ पर लादकर चार किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ रास्तों से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले गांव निवासी 63 वर्षीय मथुरादत्त कबड़वाल की अचानक तबीयत खराब हो गई। गांव तक मोटर मार्ग न पहुंच पाने के कारण वहां कोई भी वाहन नहीं जा सकता था। ऐसे में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से एक कुर्सी का सहारा लेते हुए बुजुर्ग को उस पर सुरक्षित तरीके से बांधा और बारी-बारी से अपनी पीठ पर लादकर चार किलोमीटर की कठिन और जोखिम भरी चढ़ाई पार की। इस दौरान रास्ते में उन्हें उबड़-खाबड़ पगडंडियां, झाड़ियां और नाले भी पार करने पड़े। मरीज की जान बचाने के लिए ग्रामीण हर मुश्किल को पार करते हुए उन्हें सुरक्षित जैसर सड़क तक लेकर पहुंचे। सड़क से वाहन की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
शासन-प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण की मांग की वे लंबे समय से गुहार लगा रहे हैं लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीण शेखर जोशी, बहादुर सिंह थापा, मोहन गुरंग, मोहन जोशी, विपिन जोशी और प्रकाश चंद्र का कहना है कि यदि समय रहते सेलकुना गांव के लिए मोटर मार्ग का निर्माण नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विधायक, पार्वती दास ने कहा कि सेलकुना सड़क का प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सर्वे किया गया है। डीपीआर शासन को भेजी गई है। डीपीआर स्वीकृत होते ही टेंडर प्रकिया कराई जाएगी। जल्द ही ग्रामीणों को सड़क सुविधा मिलेगी।