एससीपी के तहत स्वीकृत सात किमी मछियाबगड़- ग्वाल्दे मोटर मार्ग का निर्माण कार्य मानकों के तहत नहीं होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मोटर मार्ग का निर्माण कार्य रोक दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग और ठेेकेदार ने मार्ग में बाधक आ रहे दर्जनों हरे पेड़ों को बगैर छपान के जेसीबी से धराशायी कर दिया। वन विभाग ने लोनिवि के ईई के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई करने को लिखा है।
देवनाई घाटी की जनता की मांग पर शासन ने मछियाबगड़ -ग्वाल्दे मोटर मार्ग की स्वीकृति एससीपी से दी थी।
सड़क निर्माण में बाधक आ रही दो हेक्टेयर से अधिक वन भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही को क्षेत्र के विधायक चंदन दास के पहल पर वन मंत्रालय ने तीन माह पूर्व हरी झंडी दे दी थी। विधायक चंदन राम दास ने वन भूमि हस्तांतरण होने के बाद एक माह पूर्व सड़क का निर्माण कार्य अपनी मौजूदगी में विभाग और ठेकेदार से शुरू कराया। वन विभाग ने सड़क निर्माण में बाधक आ रहे पेड़ों के छपान के लिए वन निगम को लिखा था। लेकिन वन निगम द्वारा आज तक पेड़ों का छपान नहीं किया। ठेकेदार ने सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजीत डसीला ने बताया कि विभाग ने सड़क निर्माण में बाधक आ रहे दर्जनों हरे पेड़ों का बगैर छपान के सड़क का निर्माण कार्य शुरू करा कर तानाशाही का परिचय दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ गिने चुने लोगों को लाभ पहुंचाने की नीयत से सड़क का एलाइमेंट भी बदल दिया गया है। वन रेंजर बैजनाथ श्याम सिंह करायत ने बताया कि पेड़ों का छपान कार्य करने को वन निगम को विभाग ने लिखा था। निगम ने आज तक पेड़ों को छपान नहीं किया है। प्रांतीय खंड लोनिवि के ईई आरके पुनेठा ने बताया कि विभाग ने फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया है। विभाग के ईई और अवर अभियंता को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।