सरयू से कपकोट बाजार के कई हिस्सों में हो रहे भू कटाव से बाजार और रामलीला भवन को खतरा बना है। इससे भयभीत नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से दैवीय आपदा मद से बाजार की सुरक्षा के लिए सरयू किनारे सुरक्षा दीवार और तटबंध बनवाने की मांग की है। व्यापारियों और नागरिकों ने बताया कि बरसात में सरयू उफान पर बहती है, जिससे इसके किनारे भूकटाव भी तेजी से होता है।
पिछले साल सिंचाई विभाग ने दैवी आपदा प्रबंधन के तहत कुछ स्थानों पर तटबंध और सुरक्षा दीवारें बनाई, लेकिन कई स्थानों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। जिस कारण इस बार भी नदी से काफी जगह भूकटाव हो गया है। पुराने डाकघर के समीप बड़ा हिस्सा कटकर नदी के तेज बहाव में बह गया है। रामलीला भवन और धर्मशाला पर भी खतरा मंडराया है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा के शीघ्र इंतजाम नहीं किए गए तो कपकोट-कर्मी सड़क और बाजार को गंभीर खतरा हो सकता है।
उन्होंने विधायक बलवंत भौर्याल से सरयू से हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग को शीघ्र तटबंध और सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश देने की मांग की है। मांग करने वालों में व्यापार मंडल के अध्यक्ष तारा सिंह कपकोटी, प्रकाश जोशी, हरीश जोशी, पुरुषोत्तम जोशी, नवीन उपाध्याय, किशन राम तिरूवा, सुरेश चंद्र आर्य, गिरीश बिष्ट, देवेंद्र दानू, कैलाश जोशी आदि शामिल हैं।