सोमवार रात हुई भीषण बारिश ने तहसील क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है। नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन स्थित चखतरी में भारी भूस्खलन होने से सड़क किनारे खड़े चार वाहन मलबे में दब गए। शामा में एक मकान क्षतिग्रस्त होने से वहां पांच बकरियां जिंदा दफन हो गए। कपकोट और हिचौड़ी बाजार की अनेक दुुकानों में पानी भरने से लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।
भूस्खलन से कई लोगों के घर खतरे की जद में आ गए हैं। धरमघर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठेली के एक कक्ष की दीवार ढह गई है। स्कूल के पीछे पहाड़ी से भूस्खलन से पूरे भवन को खतरे की आशंका बनी है। ग्रामीण उमेद सिंह, भूपाल सिंह, पुष्कर कोरंगा, खुशाल कोरंगा ने शिक्षा विभाग और प्रशासन को घटना की सूचना दी। ग्रामीणों ने भूस्खलन से हुए नुकसान का जिम्मेदार विभाग और प्रशासन को ठहराया।
सोमवार रातभर हुई भारी बारिश से नगर पंचायत के चखतरी के देेवेंद्र सिंह और मंगल सिंह बिष्ट के घर के सामने भारी भूस्खलन हो गया। कपकोट-कर्मी सड़क के किनारे खड़े चार छोटे वाहन मलबे में दब गए। मलबे से संतोष उपाध्याय की वैगनआर यूके 02-2872, योगेश जोशी भंतोला हाल एनएचएम के काम लगी बुलेरो संख्या यूके02- 1231, खारबगड़ हाल कपकोट निवासी खड़क सिंह की मैक्स यूके02- 0464 और पाइनवुड इंटरनेशनल पनौरा-कपकोट की स्कूल वैन यूूके 02 -2815 मलबे में दब गए।
मलबा भरने से सड़क पर सुबह पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में लोनिवि ने दो जेसीबी लगाकर मलबे में फंसे वाहनों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने मौका मुआयना किया। बारिश का पानी कपकोट के व्यापारी कुंदन कपकोटी के कॉपी किताब, दीपक कपकोटी की परचून, हिचौड़ी के विशन सिंह मेेहरा परचून, चंद्र सिंह कोरंगा के कंप्यूटर सेंटर और अजय कार्की की परचून की दुकानों में घुस गया जिससे वहां रखा लाखों का सामान खराब हो गया है।
उधर शामा के भनेधार सेली में भारी बारिश से कुंवर सिंह का दो मंजिला मकान और राधा देवी का रसोईघर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना में पीड़ित के पिता राम सिंह ने कूद मारकर अपनी जान बचाई अलबत्ता उनके गोठ में बंधी 10 बकरियां मलबे में दब गई। पुलिस चौकी इंचार्ज त्रिवेणी जोशी के नेतृत्व में आई रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने पांच बकरियां जिंदा बाहर निकाली। पीड़ित और उसके भाई मेहवान सिंह ने पड़ोसियों के यहां शरण ली है।
लोनिवि की सड़क का मलबा रामलीला मैदान में भर गया है। ग्राम प्रधान राम सिंह और पूर्व बीडीसी सदस्य नरेंद्र कोरंगा ने प्रशासन से पीड़ितों की सहायता करने की मांग की है। जारती गांव में राउमावि समेत डा. गोविंद सिंह, शेर सिंह और कवींद्र सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। भारी बारिश से बाराही क्रेशर पांगड़ का सैकड़ों कुंतल रेत और कंकर बह गया है। ग्राम असों में मनरेगा के जरिए गुटमटिया में सरयू किनारे बनी 80 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार नदी की तेज धारा में समां गई है।
गांव की बघेली से बनी पीने के पानी की योजना भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम प्रधान भुवन शाही ने नुुकसान की भरपाई करने की मांग की है। नगर पंचायत के पालीडुंगरा में जमीन में दरार पड़ने से नंदन कोरंगा, पूर्व प्रधान हरीश फर्स्वाण और लक्ष्मण सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं स्यवोट गधेरे के समीप हुए भारी भूस्खलन से प्रताप सिंह कठायत का मकान खतरे की जद में आ गया है।
बारिश से गोलना पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम पंचायत कपकोट में मड़गाड़ी गधेरे के उफनाने से जहां रास्ता क्षतिग्रसत हो गया वहीं गधेरे का पानी रमेश जोशी के मकान में घुस गया। उधर गडियार गधेरा उफनाने से बबलू उपाध्याय, रघुनंदन उपाध्याय और गोविंद गढ़िया के मकानों को खतरा हो गया है। गधेेरे से लोगों के उपजाऊ खेत भी बर्बाद हो गए हैं। कांडा तहसील के सानीउडियार के शेखर चंद्र का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।