बागेश्वर में विभागीय लापरवाही के चलते दुर्घटना को दावत दे रही सड़कें।
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वाहन दुर्घटनाएं रोकने में पुलिस और प्रशासन की कवायदें सफल नहीं हो पा रहीं हैं। यातायात के नियमों की अनदेखी के चलते साल दर साल दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है।
जिले में दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सड़कों का ठीक नहीं होना तथा यातायात नियमों का सही तरीके से पालन न करना इसका बड़ा कारण है। इसके अलावा लोनिवि समेत संबंधित विभागों द्वारा बनाई जा रही सड़कों में भी सुरक्षा के मानकों ध्यान नहीं रखा जा रहा है। शनिवार को कपकोट के भैंसखाली में हुई दुर्घटना में दो यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस दुर्घटना ने जिले में सड़क हादसों को रोकने को लेकर पुलिस व प्रशासन की सक्रियता सवालिया निशान लगा दिया। रविवार को गरुड़ के द्यौरड़ा में एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि जिन जगहों पर ये दोनों दुर्घटनाएं हुई थी वहां क्रश बैरियर नहीं था। क्रश बैरियर लगाया गया होता तो शायद दुर्घटना से बचा जा सकता था।
बागेश्वर जिले में 2017 से अब तक हुई वाहन दुर्घटनाओं का ब्योरा
वर्ष दुर्घटना मृतक घायल
2017 4 1 4
2018 6 3 5
2019(अब तक)2 2 6
इनसेट......
25 से अभियान चलाएगी पुलिस
बागेश्वर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस 25 अप्रैल से अभियान चलाएगी। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने सोमवार को आयोजित बैठक में सभी थानों व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर कार्रवाई करें।
इन बिंदुओं पर होगी कार्रवाई
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
- ओवर लोड में वाहनों का चालान
- नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई
- अनियंत्रित तरीके से वाहन चलाने पर चालान
- ओवर स्पीड पर कार्रवाई
- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग
= कोट
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट आदेश दिए हैं। सभी राज्यों को आदेश हैं कि वह वाहन चालकों की लापरवाही पर कार्रवाई करें तथा उनका डीएल निरस्त करने की संस्तुति आरटीओ को करें। पुलिस इस पर कार्रवाई कर रही है। - लोकेश्वर सिंह, एसपी बागेश्वर