वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन पत्रों की जांच के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक डीएम रंजना की अध्यक्षता में हुई। वाहन और गैर वाहन मद में समिति को कुल सौ आवेदन पत्र प्राप्त हुए।
डीएम ने कहा कि यह योजना पर्यटन को बढ़ावा देने एवं स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चलाई गई है। जो लाभार्थी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार को अपनाना चाहते हैं, वे पर्यटकों को इस योजना के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए अपने आर्थिक स्तर को भी ऊपर उठाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि जिस मद के लिए आवेदन किया है, उसी मद में खर्च करें। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण कर स्थापित योजनाओं की स्थिति की जानकारी रखने को कहा। जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में गैर वाहन मद के 60 जबकि वाहन मद के 40 आवेदन पत्र प्राप्त हुए।
इनमें से गैर वाहन मद के अंतर्गत होटल-मोटल के लिए 10, रेस्टोरेंट के सात, सोविनियर शॉप के दो, मोटर वर्कशाप में एक, घोड़ा खच्चर क्रय के लिए 20, सहित कुल 40 आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए। वहीं, वाहन मद में वाहनों के क्रय करने के लिए 19 आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए।
साक्षात्कार बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, लीड बैंक अधिकारी रुद्र सिंह रावत, एसडीएम श्याम सिंह राणा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी पीके गौतम, डीडीएम नाबार्ड रवींद्र शर्मा, सहायक प्रबंधक उद्योग राजेश शाह, वरिष्ठ सहायक पर्यटन हरीश जोशी तथा आवेदक मौजूद थे।