बागेश्वर। जिले में टीकाकरण की रफ्तार फिर से सुस्त हो गई है। 18 से 44 वर्ष वालों के टीके समाप्त हो गए हैं। फिलहाल नई खेप आने की भी कोई संभावना नहीं दिख रही है। बुधवार को तीन केंद्रों में टीकाकरण होगा, जिसके बाद टीकाकरण का काम प्रभावित हो सकता है।
जिले में 18 से 44 वर्ष के लोगों को टीका लगने की शुरूआत 10 मई से हुई थी। पहले दिन बिलौना बस अड्डे, ब्लॉक कार्यालय और कपकोट में तीन केंद्र बनाए गए थे। बाद में टीके की उपलब्धता बढ़ने के बाद गरुड़, कांडा, सौंग, विकास भवन ऑडिटोरियम, रवाईखाल आदि स्थानों सहित कुल नौ टीकाकरण केंद्रों की स्थापना की गई। हालांकि पिछले तीन दिनों से टीके कम होने के बाद सेशन साइट भी कम की जाने लगी थी। मंगलवार को तीन केंद्रों में टीकाकरण कराया गया था। बुधवार को भी बिलौना बस अड्डे, कपकोट आदर्श प्राथमिक विद्यालय और सौंग में टीकाकरण कराया जाएगा। टीकाकरण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद जंगपांगी ने बताया कि जिले में 18 से 44 वर्ष वाले 14,791 लोगों को कोरोना टीके की पहली डोज लग चुकी है।
45 से अधिक उम्र वालों के लिए पर्याप्त टीका उपलब्ध
बागेश्वर। जिले में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीके की कमी नहीं है। विभाग के पास 5900 डोज बची है। पहली और दूसरी डोज के बीच का अंतर 84 दिन करने के बाद अब टीकाकरण कराने वालों की संख्या भी घटती जा रही है। इसके चलते इस आयु वर्ग में टीके की किल्लत नहीं है।
18 से 44 वर्ष वालों के लिए फिलहाल टीका एलॉट नहीं हुआ है। जिले में अवशेष टीके को देखते हुए तीन केंद्रों में ही टीकाकरण कराया जा रहा है। 45 वर्ष से अधिक वालों के लिए पर्याप्त टीके मौजूद हैं। - डॉ. बीडी जोशी, सीएमओ बागेश्वर