Vaccination work affected in 407 gram panchayats
बागेश्वर। विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आशाओं की हड़ताल के कारण जिले के सभी 407 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण का कार्य प्रभावित हो गया है। हड़ताल के कारण शनिवार को पोषण दिवस भी नहीं हो पाया। जिले में 430 आशा कार्यकर्ता तैनात हैं।
आशा कार्यकर्ता स्कीम वर्कर्स यूनियन और आशाओं के राष्ट्रीय फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर शुक्रवार से तीन दिनी हड़ताल पर हैं। आशा वर्कर न्यूनतम वेतन, स्थायीकरण, लॉकडाउन भत्ता, पेंशन, बीमा सुरक्षा और सम्मान के मुद्दों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रही हैं। आशा वर्कर संगठन की जिलाध्यक्ष बसंती देवी का कहना है कि आशाओं पर काम का बोज लगातार बढ़ते जा रहा है लेकिन काम के हिसाब से उन्हें सरकार भुगतान नहीं करती है। न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन देने के साथ ही कोरोना लॉकडाउन भत्ता प्रदान करने, कोविड-19 के बचाव के कार्य में लगी सभी आशा वर्करों को पूर्ण सुरक्षा दिलाने, उनका 50 लाख का जीवन बीमा, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कराने की मांग पूरी नहीं की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण के साथ ही गर्भवती महिलाओं की जांच, पोषण दिवस, ग्राम स्वच्छता समितियों की बैठक का जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं के पास है। तीन दिनी हड़ताल के कारण यह सारे कार्य ठप हो गए हैं। हड़ताल के कारण शनिवार को गांवों में पोषण दिवस का आयोजन भी नहीं हुआ। आशाओं की हड़ताल का असर कम करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। हालांकि एएनएम सेंटर और अस्पतालों में टीकाकरण का काम हो रहा है।