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हरेले की तर्ज पर होगा उत्तरायणी मेले का संरक्षण

Fri, 15 Jan 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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  मुख्यमंत्री हरीश रावत का 15 जनवरी को यहां आगमन का कार्यक्रम की  रद्द हो गया। सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों को देहरादून से फोन पर  संबोधित किया। सीएम ने कहा पौराणिक मेलों के संरक्षण को गंभीरता से प्रयास चल रहे हैं।  हरेला की तरह उत्तरायणी मेले का भी संरक्षण होगा।
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सीएम ने कहा  कि उन्हें 14 को उद्घाटन करने आना था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने की वजह से नहीं आ  सके। दूसरे दिन आने का कार्यक्रम बनाया, लेकिन स्वास्थ्य ने साथ नहीं दिया। उन्होंने शीघ्र यहां आने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेले  की तर्ज पर घुघुतिया त्यौहार के संरक्षण की पहल होगी। विद्यालयों में  प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। पौराणिक मेलों और पवित्र स्नानघाटों के विकास को प्रयास होंगे। उन्होंने कहा कि पहाड़ में दर्शनीय और आस्था केंद्रों के पर्यटन विकास को सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि  बागेश्वर क्षेत्र से भी भविष्य में कांग्रेस का प्रतिनिधि होना चाहिए। सीएम  ने कहा कि सुअरों को मारने की अनुमति दी गई है। बंदरों की समस्या का  समाधान खोजा जा रहा है। पहाड़  की खेती बचाने को प्रयास जारी हैं। उन्होंने  कहा कि पौराणिक मेलों के लिए धन की व्यवस्था की जाएगी। इस बारे उत्तरायणी  में बागेश्वर को पांच लाख और कपकोट को एक लाख रुपये दिए जा रहे हैं।
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आनंद
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