मेले में शांति व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में डीएम व सेक्टर मजिस्ट्रेट।
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उत्तरायणी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी है। डीएम ने मेले के दौरान अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदारों से रंगदारी वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम रंजना राजगुरु ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की समीक्षा करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभाने को कहा। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ सामंजस्य स्थापित कर शांति व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मेला क्षेत्र में बिजली, पानी आदि समस्याएं पाए जाने पर तत्काल उत्तरायणी मेला ग्रुप में डालने के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने को कहा। इसके अलावा जिन विभागों को तोरणद्वार निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें तोरणद्वार की गुणवत्ता का ध्यान रखकर मेला शुरू होने से पहले स्वागत द्वार तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानदारों का सत्यापन शतप्रतिशत करने को कहा।
मेला क्षेत्र दो जोन व छह सेक्टरों में बांटा
एडीएम राहुल गोयल ने बताया कि मेला क्षेत्र को दो जोन और छह सेक्टरों में बांटा गया है। इसके लिए तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि प्रथम जोन के लिए एसएस राणा परगना मजिस्ट्रेट बागेश्वर और ईई विद्युत भास्करानंद पांडेय को जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है।
दूसरे जोन के लिए परगना मजिस्ट्रेट गरुड़ सुंदर सिंह और जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी को जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि छह सेक्टरों के लिए 18 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही दो जोनल और छह सेक्टर मजिस्ट्रेट आरक्षित में रखे गए हैं।