कौसानी के एक होटल में ठहरे गुजरात से आए सैलानी। स्रोत- थ्रीश कपूर
कौसानी/गरुड़ (बागेश्वर)। पहलगाम हमला और भारत-पाकिस्तान के बीच हुए तनाव का जहां कश्मीर में पर्यटन पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, वहीं प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटन नगरी कौसानी में गुजरात और महाराष्ट्र के सैलानी आने लगे हैं। खास बात है सैलानी कश्मीर की बुकिंग कैंसिल कर उत्तराखंड की सैर पर आ रहे हैं।
मैदानी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ते ही पहाड़ों में सैलानियों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कौसानी और बैजनाथ में इन दिनों पर्यटकों के आने से चहल-पहल बढ़ने लगी है। हालांकि अभी पर्यटकों के आने का शुरुआती चरण ही है। मंगलवार को कौसानी पहुंचे सूरत के चंद्रेश भाई ककाटिया ने बताया कि उन्होंने मई में जम्मू-कश्मीर जाने का प्लान बनाया था। पहलगाम हमले के बाद वहां जाने का विचार त्यागकर उत्तराखंड आने की तैयारी की। वह परिवार के सात सदस्यों के साथ यहां पहुंचे थे।
सूरत के ही जिग्नेश भाई के साथ महाराष्ट्र और गुजरात के 54 सदस्यों का दल भी कौसानी पहुंचा। सैलानियों ने पर्यटन नगरी और बैजनाथ धाम की सुंदरता की सराहना की। होटल कारोबारी थ्रीश कपूर ने बताया कि धीरे-धीरे सैलानियों के आना शुरू हो गया है। पिछले दिनों महाराष्ट्र और गुजरात से आए पर्यटकों को यहां की खूबसूरती ने काफी आकर्षित किया। इस साल अच्छी संख्या में सैलानियों के आने की उम्मीद है।
कोट
भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण बुकिंग कैंसिल होने लगी थी। अब फिर से लोग एडवांस बुकिंग करवाने लगे हैं। 25 मई के बाद अच्छी बुकिंग हैं। जून में कौसानी के सभी होटलों में 75 से 80 प्रतिशत कमरे बुक रहने की संभावना है। कश्मीर की बुकिंग कैंसिल कर कौसानी आने वाले सैलानियों के चलते भी इस साल की गर्मियों में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। - बलवंत नेगी, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन