प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की ओर से निर्माणाधीन लीली उतरौड़ा मोटर मार्ग की हालत खराब है। सड़क का डामरीकरण न होने से उसमें गहरे गड्ढे बन गए हैं जबकि पानी के निकास के लिए नाली का भी निर्माण नहीं हो सका है। सड़क की हालत खराब होने के कारण चालक वाहनों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क की हालत शीघ्र न सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
लीली उतरौड़ा मोटर मार्ग की लंबाई 12 किमी है। इसका निर्माण पीएमजीएसवाई की ओर से कराया जा रहा है। इसमें पहाड़ कटान हो चुका है। सड़क किनारे नाली नहीं बनी है। डामरीकरण भी नहीं हो सका है। जिस कारण बेमौसमी बारिश से सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं। कई जगहों पर सड़क के किनारे टूट गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय इंजीनियरों से कई बार सड़क की हालत सुधारने की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क की दशा शीघ्र न सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चेतावनी देने वालोें में खीम सिंह, केेदार सिंह, प्रताप सिंह, प्रकाश जोशी, प्रदीप जोशी आदि शामिल हैं। इधर लोनिवि ने भी पांच किमी लंबे कपकोट दूणी मोटर मार्ग में सिर्फ एक किमी तक ही डामर किया है। सुलटुई गांव से आगे रोड निर्माण नहीं किया है। वहां डामरीकरण होना तो दूर सड़क का कटान तक नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने शासन, लोनिवि पर सड़क की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने सड़क बनवाने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
इनमें दरवान सिंह, मोहन चंद्र उपाध्याय, लीलाधर उपाध्याय, दलीप राम, हरीश कपकोटी, चंचल राम तिरुवा, शंकर तिरुवा, रमेश तिरुवा, गोपाल सिंह कपकोटी आदि शामिल हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता हरीश पांगती ने बताया कि सड़क निर्माण की बाकी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं।