समान कार्य पर समान वेतन देने समेत अन्य मांगों को लेकर उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारियों का मंगलवार से दो दिनी धरना शुरू हो गया है। कर्मियों ने नारेबाजी के साथ कार्य बहिष्कार करके कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना दिया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर उपनल कर्मियों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी सभी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुई तो प्रांतीय आह्वान पर 25 नवंबर से हड़ताल पर चले जाएंगे।
मंगलवार उपनल कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष कमल गढ़िया के नेतृत्व में कर्मचारी नारेबाजी के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय में यह स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को उसके पद के सापेक्ष समान वेतन दिया जाए, साथ ही उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी यह स्पष्ट किया है कि उपनल से नियुक्त कार्मिकों को नियमित कार्मिकों की तरह ही सभी सुविधाएं दी जाएं। सरकार की ओर से की जा रही उपेक्षा का हाल यह है कि विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है।
इससे उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा जिस तरह से आउटसोर्स कार्मिकों को समान कार्य पर समान वेतन लागू किया है, उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार भी अपने यहां इसे लागू करे। धरना देने वालों में जयपाल नयाल, भूपाल मेहता, हेम तिवारी, चंदन गढ़िया, भृपेंद्र दानू, दिनेश दानू, प्रवीण कुमार, कपिल देव, सूरज कनवाल, चंचल नगरकोटी, दीपक जोशी, पवन मेहता, खीम सिंह, मनोज टम्टा, गिरीश चंद्र, रेखा रावत आदि शामिल थे।