बागेश्वर/कपकोट/कांडा। जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी बन गई है। कपकोट तहसील क्षेत्र के गांवों में मंगलवार की शाम को हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल, फल और सब्जियां बर्बाद हो गईं।
जिला आपदा प्रबंधन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार सुबह तक गरुड़ में 10 मिमी, कपकोट में पांच और गरुड़ में दो मिमी बारिश हुई। सुबह भी आसमान बादलों से ढका था और कांडा, कपकोट के ग्रामीण इलाकों में कोहरा छाया रहा। हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम खुला और दोपहर बाद धूप निकल आई।
कपकोट क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से नामतीचेटाबगड़, भनार, फरसाली, गुलेर, खर्ककानातोली आदि गांवों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। इस साल तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही ओलावृष्टि के कारण फसल, फल और सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है।
मई में भी सर्दी का हो रहा अहसास
बागेश्वर। मौसम परिवर्तन के चलते इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी का एहसास तक नहीं हुआ है। मई में बागेश्वर जिला मुख्यालय के साथ ही पहाड़ के तमाम घाटी वाले इलाकों में भीषण गर्मी पड़ती थी। अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री तक पहुंच जाता था। इस बार 20 मई तक अधिकतम तापमान 22-23 डिग्री से आगे नहीं बढ़ पाया। गर्मी के सीजन में पहाड़ के घाटी वाले इलाकों में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। 21 मई से 23 मई तक मौसम साफ रहा। तापमान में अचानक बढ़ोतरी हुई। इस बार के गर्मी के सीजन में पहली बार मंगलवार यानि कि 23 मई की दोपहर पारा 33 डिग्री पहुंचा। मंगलवार दोपहर से फिर मौसम बिगड़ा। ओलावृष्टि और बारिश से तापमान में चार डिग्री की गिरावट आ गई। बुधवार को बागेश्वर का अधिकतम तापमान 27, डिग्री सेल्यिस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। संवाद
नरगड़ा और गुलम परगड़ की बिजली गुल
बागेश्वर। मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद से कपकोट के नरगड़ा और गुलम परगड़ गांव की बिजली गुल हो गई। ग्राम प्रधान भागीरथी देवी ने बताया कि विभाग को सूचित करने के बावजूद समस्या का निदान नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है। संवाद