आरक्षण की इस व्यवस्था का सही ढंग से पालन कराने का आग्रह किया है।जिले के अनुसूचित जन जाति के बेरोजगार शिक्षकों ने यहां डीएम के माध्यम से
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर चार प्रतिशत पद पूरी तरह आरक्षित करने की मांग
की है।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन यहां डीएम बीएस मनराल को दिया गया। बेरोजगार शिक्षकों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य में अनुसूचित जन जाति के लिए चार प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है, लेकिन अधिकतर विभागों में इसका पालन सही ढंग से नहीं हो रहा है।
ज्ञापन में माध्यमिक विद्यालयों में एलटी और प्रवक्ता की नियुक्ति के ब्लाक स्तर से हर विषय के आधार पर सीटों का निर्धारण करने, मंडल, राज्य के स्तर से सीटों के आरक्षण की नीति लागू करने, बीटीसी के बैकलॉग की भर्ती प्रक्रिया शुरू करते हुए एसटी वर्ग के लिए सीटों का आवंटन करने की मांग की गई है।
राजकीय महाविद्यालयों में स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम के शिक्षकों के चार प्रतिशत पद भी आरक्षित करने, डिग्री कालेज में सभी स्तर के पदों पर चार प्रतिशत आरक्षण देने, पीएचडी कोर्स के लिए चार प्रतिशत सीटें निर्धारित करने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सीटों का निर्धारण और क्रियान्वयन सहीं ढंग से नहीं होने पर वह आंदोलन करने और न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन देने वालों में प्रेम सिंह खिन्याल, हयात सिंह, नारायण सिंह चौड़िया, प्रमिला मर्तोलिया, बबीता मर्तोलिया, नीमा मर्तोलिया, बबीता हरकोटिया, कविता हरकोटिया, पारुल भीमा, कमला हरकोटिया, चंदन खिन्याल, भूपेंद्र सिंह आदि शामिल थे।