बागेश्वर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के अवैध धंधे पर प्रहार कर 47.24 ग्राम स्मैक के साथ पंजाब के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पहली बार नशे के अवैध धंधे में अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। जिले में पिछले तीन साल में पकड़ी गई स्मैक की यह सबसे बड़ी खेप है।
रविवार को एसपी चंद्रशेखर आर घोडके ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नशे की अवैध बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए जिले में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत एसओजी और एएनटीएफ की टीम ने अमसरकोट से दो तस्करों को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया।
आरोपी सावनप्रीत सिंह (19) निवासी नसेरा पुनवा, थाना-जिला तरनतारन पंजाब के पास से 24.29 ग्राम और हरगुरजीत सिंह (18) निवासी जसवंत सिंह मोहल्ला, नुरदी अड्डा, तरनतारन पंजाब के पास से 22.95 ग्राम स्मैक बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार करने वाली टीम को आईजी रेंज की ओर से 5000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। पुलिस दोनों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
मई 2022 को पकड़ी गई थी सबसे अधिक स्मैक
एसपी घोडके ने बताया कि जिले के इतिहास में पकड़ी गई स्मैक की यह दूसरी सबसे बड़ी खेप है। इससे पूर्व 19 मई 2022 को बरेली निवासी तस्कर को कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने 50.99 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार वह जिले में पकड़ी गई अब तक की सबसे अधिक स्मैक है।
पिछले साल से चार गुना अधिक नशे की खेप बरामद
पुलिस ने इस साल अब तक 89 ग्राम स्मैक पकड़ी है। यह पिछले साल बरामद हुई स्मैक के मुकाबले चार गुना अधिक है। पिछले साल पुलिस ने जिले से 21 ग्राम स्मैक पकड़ी थी।
युवाओं की आड़ में अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की संभावना
स्मैक के साथ पकड़े गए तस्करों की उम्र 20 साल से कम है जो पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार दोनों तस्कर पहली बार ही बागेश्वर आए हैं। एसपी घोड़के ने बताया कि गिरफ्तार सावनप्रीत कैफे में काम करता है जबकि हरगुरजीत सिंह पीओपी का काम करता है। उन्होंने बताया कि स्मैक की तस्करी में दोनों को टूल की तरह इस्तेमाल करना हो सकता है। पुलिस अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की संभावनाओं को लेकर भी मामले की जांच कर रही है।
कोट
स्मैके और चरस की तस्करी के खिलाफ पुलिस व्यापक अभियान चला रही है। युवा पीढ़ी को नशे से बचाना पुलिस की प्राथमिकता है। जानकारी के अनुसार भी पुलिस ने पिछले साल की तुलना में अधिक नशे की खेप पकड़ी है। नशे के अवैध धंधे को जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। - चंद्रशेखर आर घोडके, एसपी, बागेश्वर