बागेश्वर के तहसील रोड में पानी जुटाने के लिए हैंडपंप पर लाइन लगाए लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सरयू और गोमती के संगम पर बसे बागेश्वर नगर को पेयजल संकट से निजात मिलती नहीं दिख रही है। नगरपालिका के 11 वार्डों में माग के अनुरूप पानी की आपूर्ति नहीं होने से उपभोक्ताओं को अक्सर किल्लत का सामना करना पड़ता है। गर्मियां शुरू होते ही जल संकट गहराने लगता है।
नगरपालिका में कुल 11 वार्ड हैं, जिन्हें पेयजल आपूर्ति कराने का जिम्मा जल संस्थान की सात पेयजल योजनाओं पर हैं। इसके अलावा नगरपालिका और अन्य ग्रामीण स्तर पर पूर्व में बनी योजनाओं से भी आपूर्ति की जाती है। बावजूद इसके लोगों की मांग पूरी नहीं हो रही है। वर्तमान में भी मंडलसेरा के उत्तरी व दक्षिणी वार्ड में पानी की कमी प्रमुख समस्या बनी हुई है। इन वार्डों में बिलौना, कफलखेत, मजियाखेत, चौरासी, नदीगांव आदि इलाकों में भी अक्सर पानी की आपूर्ति ठप हो जाती है। गर्मी शुरू होते ही जल संकट अधिक गहराने लगता है। बारिश के दौरान भी कई योजनाओं में सिल्ट आने, पेयजल लाइन टूटने के कारण नगर के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में भी नगर के कई हिस्सों में पानी की किल्लत बनी हुई है।
जर्जर योजनाएं खड़ी कर रही परेशानी : नगर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए बनी कुछ योजनाएं पुरानी और जर्जर हो चुकी है। 1980-81 में बनी जखेड़ा पेयजल योजना से आधे नगर को पानी की आपूर्ति की जाती है। अक्सर योजना के पाइप लाइन टूटने और रिसाव के कारण आपूर्ति ठप हो जाती है। अमसरकोट और जजी पेयजल योजना बारिश के दौरान ठप पड़ जाती है। मजियाखेत में नगरपालिका से संचालित हो रही योजना से भी उपभोक्ताओं को पानी नहीं आने की शिकायत रहती है। बिलौना की पेयजल योजना से भी नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण वार्ड वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मांग से 1.78 एमएलडी कम मिलता है पानी
बागेश्वर। जल संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार नगरपालिका क्षेत्र में 4.55 एमएलडी पानी की आवश्यकता रोजाना पड़ती है, लेकिन विभाग केवल 2.77 एमएलडी पानी ही उपलब्ध करा पा रहा है। उपभोक्ताओं को 1.78 एमएलडी पानी कम मिलता है।