उत्तरायणी मेले में ग्राहकों को 500 रुपए के नकली नोट भिड़ा रहे दो व्यापारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों व्यापारियों से भारतीय चिल्ड्रन बैंक लिखे 500 रुपए के 95 नोट और दो हजार रुपए के 90 नोट बरामद हुए हैं। पकड़े गए दोनों व्यापारी गाजियाबाद के रहने वाले हैं। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
शुक्रवार को दो महिला पीआरडी जवानों ने उत्तरायणी मेले में सरयूबगढ़ में लगी एक दुकान से 500 रुपए के कपड़े खरीदे और दुकानदार को दो हजार का नोट दिया। दुकानदार ने पांच-पांच सौ के तीन नोट उन्हें लौटाए। जब महिला पीआरडी जवान ने पांच सौ रुपए का नोट गौर से देखा उसमें भारतीय चिल्ड्रन बैंक और एक कोने पर मनोरंजन लिखा हुआ था। जब वे नोट लेकर व्यापारी के पास गईं तो उसने वापस लेने से इनकार कर दिया।
महिला पीआरडी जवानों ने तत्काल इसकी सूचना कोतवाल को दी। कोतवाल टीआर वर्मा ने जवानों के साथ मौके पर पहुंचकर तलाशी ली। तलाशी में व्यापारियों के पास से भारतीय चिल्ड्रन बैंक लिखे पांच सौ रुपए के 95 नोट और 2000 रुपए के 90 नोट बरामद हुए। पुलिस ने दुकान सीज कर दोनों व्यापारियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यापारियों ने अपना नाम शहजाद और मो. आशिफ निवासी डासना थाना मंसूरी गाजियाबाद बताया।
कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 घ और ग के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को शनिवार को जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नोटों की जल्दी पहचान करना मुश्किल
पांच सौ और दो हजार रुपए के मनोरंजन लिखे गए नोट हूबहू असली नोटों की तरह नजर आ रहे हैं। ऐसे में नोटबंदी के बाद नए पांच सौ और दो हजार के नोटों की शक्ल में आए इन नोटों को आम लोगों को पहचान पाना मुश्किल है। असली नोट के बदले मनोरंजन लिखे नोट ग्राहकों को लौटाते पकड़े जाने से हजारों रुपए के ऐसे नोट मेले में खरीदारी करने आए सीधे साधे ग्रामीणों की जेबों में पहुंचने की आशंका है।