बागेश्वर आरओ कार्यालय से नामांकन पत्र ले जाते भैरव नाथ टम्टा। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। विधानसभा चुनाव के लिए रंजीत दास को बागेश्वर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अन्य दावेदारों में असंतोष दिखाई दे रहा है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण और एक अन्य प्रत्याशी भैरवनाथ टम्टा ने नामांकन पत्र ले लिया है। हालांकि दोनों नेताओं ने अब तक पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है।
बागेश्वर सीट से सात कांग्रेसियों ने टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी। शीर्ष नेतृत्व ने पूर्व मंत्री गोपाल राम दास के पुत्र रंजीत दास को प्रत्याशी घोषित किया। टिकट का एलान होते ही पार्टी के प्रदेश महामंत्री और वर्ष 2017 में विधायक पद का चुनाव लड़ चुके बालकृष्ण अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उनका कहना है कि वे निर्दलीय नामांकन करेंगे। जल्द ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक इस्तीफा देंगे। सोमवार को टिकट के दावेदार भैरवनाथ टम्टा ने भी टिकट वितरण पर असंतोष जताते हुए निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का एलान कर दिया है। टम्टा का कहना है कि धरातल पर कार्य करने वालों को टिकट दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
कांग्रेस ने तैयार की रणनीति
बागेश्वर। प्रत्याशी घोषित होने के बाद कांग्रेस ने कोविड गाइडलाइन के बीच चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार की। पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रत्याशी रंजीत दास का फूलमालाओं से स्वागत किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने युवा नेता को प्रत्याशी बनाया है। टिकट वितरण पर कुछ लोगों में जो नाराजगी है, उसे मिल बैठकर दूर कर लिया जाएगा। बैठक में वर्चुअल प्रचार के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। घर-घर प्रचार के दौरान कोविड गाइडलाइन का विशेष ध्यान देेने के निर्देश दिए गए। कहा कि पार्टी संगठित होकर चुनाव लड़ेगी। बैठक में महिला जिलाध्यक्ष गीता रावल, जिला संयोजक अर्जुन भट्ट, सुनील भंडारी, सुनीता टम्टा, लक्ष्मी धर्मशक्तू, मुन्ना भंडारी, ललित बिष्ट आदि थे।