बागेश्वर। जिले का रोडवेज डिपो इन दिनों चालक और परिचालकों की कमी से जूझ रहा है। स्टाफ की इस किल्लत के चलते डिपो में खड़ी दो बसें महज शोपीस बनकर रह गई हैं जिससे स्थानीय और ग्रामीण रूटों पर बसों का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है। यात्रियों को आवागमन के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
डिपो के पास वर्तमान में कुल 15 बसों का बेड़ा है लेकिन स्टाफ की कमी के कारण पूरा तंत्र चरमराया हुआ है। डिपो से 10 बसों का संचालन दिल्ली की तीन सेवाओं के लिए किया जा रहा है जबकि दो बसें बरेली-बागेश्वर रूट पर सेवाएं दे रही हैं। एक बस को स्टोर के कार्यों में प्रयोग किया जा रहा है। इस व्यस्तता के बाद डिपो के पास स्टाफ का टोटा होने के कारण दो बसें डिपो परिसर में ही धूल फांकने को मजबूर हैं।