बागेश्वर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजु सिंह मुंडे ने ओवररेट शराब बेचने के एक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषमुक्त करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उन्हें दोषमुक्त करने का निर्णय लिया।
29 अक्तूबर 2020 को पुलिस एसबीआई तिराहे पर चेकिंग अभियान चला रही थी। पुलिस को केमू स्टेशन पर अंग्रेजी शराब की दुकान में ग्राहक को ओवररेट शराब बेचने का एक वीडियो मिला। एसआई जीवन चुफाल की टीम और जिला आबकारी अधिकारी गोविंद सिंह मेहता वीडियो की जांच के लिए दुकान में गए। दुकान में मौजूद सेल्समैन ने वीडियो में खुद के होने की पुष्टि की।
दुकान से शराब के अलग-अलग ब्रांड के अद्धे 40 से 60 रुपये अधिक कीमत पर बेचे जा रहे थे। पुलिस ने सेल्समैन सुंदर सिंह गढ़िया निवासी पोथिंग और दुकान मालिक पूरन सिंह बिष्ट, निवासी बड़ैत गरुड़ के खिलाफ कोतवाली में आईपीसी की धारा 420, 120बी और 64/68 आबकारी अधिनियम में केस दर्ज किया।
विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश कराए गए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।