बागेश्वर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाकर ग्रामीण को घायल करने के आरोपी को दोषमुक्त किया है। न्यायालय ने मामले में गवाहों के विरोधाभासी बयान के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
कथानक के अनुसार वादी राजेंद्र सिंह परिहार ने 31 अगस्त 2021 को दीपक सिंह परिहार, निवासी जाख के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। वादी ने बताया कि 29 जुलाई 2021 को वह दो लोगों के साथ सड़क पर टहल रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने ट्रक से टक्कर मार दी जिसमें वादी
परिहार के साथी पूरन सिंह को चोट आई। वादी को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
हल्द्वानी में लंबे समय तक इलाज करने के बाद वादी डिस्चार्ज होकर लौटा और पुलिस को तहरीर दी। बताया कि हादसे के कारण उसे सर्जरी तक करानी पड़ी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर धारा 279, 337 और 338 के तहत केस दर्ज किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। अधिवक्ता हरीश चंद्र जोशी, दिग्विजय जनौटी और हरीश चंद्र आर्या ने आरोपी की ओर से पैरवी की। घटना में चोटिल एक व्यक्ति/गवाह ने न्यायालय में बताया कि वादी को सड़क से नीचे कूदने और लुढ़कने के कारण चोट आई। वाहन से उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। सड़क में कीचड़ होने के कारण ट्रक स्लिप होने से दुर्घटना हुई थी। न्यायालय ने प्रस्तुत तथ्यों और गवाहों के बयान के आधार पर मामले को संदेहास्पद माना और आरोपी को दोषमुक्त किया।