गरुड़ (बागेश्वर)। तमाम प्रयासों के बावजूद सिंचाई विभाग बंद नहरों को चालू नहीं कर सका है। जिस कारण अब बारिश शुरू होते ही कत्यूर घाटी में धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। नौघर और गढ़सेर के किसानों ने सिंचाई विभाग से बंद नहरों को खोलने की मांग की है। अन्यथा सिंचाई उपखंड कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है। मंगलवार को जिलेभर में मानसूनी बारिश हुई। बारिश होते ही किसान बैल लेकर जुताई करने खेतों में पहुंचे।
इसके साथ ही महिलाओं ने खेतों को समतल कर धान की रोपाई शुरू कर दी। बारिश के बीच गढ़सेर, बिमोला, पचना, नौघर, कज्यूली, तैलीहाट, बैजनाथ, मन्यूड़ा, गागरीगोल, जखेड़ा, अयारतोली, बिनखोली, सिल्ली, जिनखोला, बंड, पिंगलों, सिमखेत आदि गांवों में धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। नौघर, गढ़सेर के किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते दोनों नहरें बंद हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग से समय पर नहरों को दुरुस्त करने की मांग की।
अन्यथा विभागीय इंजीनियर के कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी। नौघर के ग्राम प्रधान शंकर सिंह नेगी, गढ़सेर के प्रधान नवीन ममगई ने बताया कि बंद नहरों में पानी सप्लाई करने के बारे में विभाग के इंजीनियर से कई बार कह दिया है। इसके बावजूद विभाग ने नहरों को दुरुस्त नहीं किया है। इसलिए इस बार किसान सिंचाई कर भी नहीं देंगे।