बागेश्वर। यूपीआई के माध्यम से लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच कारोबारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। व्यापारियों के अनुसार डिजिटल भुगतान अब रोजमर्रा के कारोबार का हिस्सा बन चुका है। यूपीआई लेनदेन पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
नगर के व्यापारी कवि जोशी, ललित तिवारी ने बताया कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में सभी ग्राहक बड़ी संख्या में नकद के बजाय यूपीआई से भुगतान करते हैं। दुकानों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा होने से खुले पैसों की समस्या भी कम हुई है। कहा कि यदि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लिया गया तो इसका असर व्यापार और ग्राहकों दोनों पर पड़ सकता है। कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न करों और बढ़ती लागत का सामना कर रहे हैं। यूपीआई पर अतिरिक्त शुल्क का भार कारोबारियों पर डालना उचित नहीं है।
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अधिकतर ग्राहक यूपीआई से भुगतान करते हैं। जीएसटी लगने पर हमें भी मजबूरन ग्राहकों से अतिरिक्त भुगतान लेना पड़ेगा। -कवि जोशी, कारोबारी बागेश्वर फोटो 07 बीजीएस 07 पी
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यूपीआई पर अतिरिक्त टैक्स लगाने से कारोबारियों और ग्राहकों पर प्रभाव पड़ेगा। इससे छोटे दुकानदारों के लिए हर लेनदेन पर शुल्क देना मुश्किल होगा। -ललित तिवारी, कारोबारी, फोटो 07 बीजीएस 08 पी
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पहले से ही महंगाई और बढ़ती कारोबारी लागत से व्यापारी परेशान हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर शुल्क उचित नहीं है। -गुड्डू स्वामी, कारोबारी फोटो 07 बीजीएस 09 पी
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ग्राहक नकदी के बजाय यूपीआई से भुगतान करना पसंद करते हैं। यदि शुल्क लगाया गया तो इसका बोझ ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। -गणेश पांडेय, कारोबारी फोटो 07बजीएस 10 पी