कुमाऊं की काशी कहे जाने वाले बागेश्वर में साहसिक खेलों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन विभाग ने गोल्डन वैली ऑफ हिमालयन एडवेंचर थीम बनाई है। इस थीम के जरिए जिले में 13 नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार की 13 जिले, 13 डेस्टीनेशन योजना की तर्ज पर पर्यटन विभाग ने बागेश्वर में भी पर्यटन को बढ़ाने के लिए नई योजना तैयार की है। जिले में पिंडारी ग्लेशियर, ट्रैक, बैजनाथ मंदिर, बागनाथ मंदिर, कौसानी में सैलानी पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा सैलानियों की आमद कौसानी में होती है। अन्य केंद्र उपेक्षित ही रह जा रहे हैं।
अब गोल्डन वैली ऑफ हिमालयन एडवेंचर थीम के तहत पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग, स्कीइंग के लिए स्थल चिह्नित किए गए हैं। पर्यटन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अब केंद्रीय एजेंसियां प्रस्ताव के अनुसार स्थलों का मुआयना करेगी। एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर बजट आवंटित होगा।
गोल्डन वैली ऑफ हिमालयन एडवेंचर थीम से साहसिक खेलों के जरिए नए पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना है। प्रस्ताव शासन के पास भेजा है, केंद्रीय एजेंसी की जांच के बाद मुहर लगेगी।
- कीर्ति आर्य, पर्यटन अधिकारी बागेश्वर
यहां-यहां होंगे साहसिक खेल
- पैराग्लाइडिंग : बिलौना, दुलम
- राफ्टिंग : सरयू नदी से बालीघाट मेहनरबूंगा
- एंग्लिंग : सरयू नदी में बिलौना से बूढ़धार
- स्नो स्कीइंग : धाकुरी टॉप/चिल्ठा टॉप
- नौका विहार : बैजनाथ झील
- माउंटेन बाइकिंग सेंटर : जौलकांड/कौसानी
- ग्लेशियर ट्रैकिंग : पिंडारी, कॉफनी, नामिक, सुंदरढूंगा वैली
- लोकल ट्रैक : धरमघर-कालीनाग- कस्तूरी मार्ग-फेणीनाग तक, बैजनाथ-गरुड़-कौसानी, भनार शिखर,
- बर्ड वॉचिंग : कौसानी, धरमघर, शिखर
चिल्ठा टॉप के पास बनेगा रोपवे
चिल्ठा टॉप के पास एक किमी तक का रोप वे निर्माण किया जाएगा। वहीं पिंडारी, कॉफनी एवं सुंदरढूंगा मार्ग, ग्लेशियर ट्रैकिंग मार्ग का निर्माण और लोकल ट्रैकिंग मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।