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Bageshwar News: कुछ मिला, बहुत कुछ पाना शेष

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बागेश्वर के सरमूल, सहस्त्रधारा के लिए बनाया गया ट्रैकिंग पथ। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। धार्मिक, साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले बागेश्वर जिले के पर्यटन स्थलों को विकास की दरकार है। भगवान बागनाथ धाम में संग्रहालय, धर्मशालाओं का निर्माण, काल भैरव मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ है, लेकिन नये पर्यटन स्थलों का विकास जिले में नहीं हुआ है। पुराने ट्रैकिंग रूट में भी सुधार नहीं हुआ है।
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जिले में बागनाथ, बैजनाथ जैसे पौराणिक धार्मिक स्थल, पिंडारी, सुंदरढूंगा जैसे ग्लेशियर हैं। ट्रेल दर्रा बागेश्वर की थाती है। इनके दीदार के लिए देश-विदेश से सैलानी आते हैं। मगर वर्ष 2013 के जलप्रलय के बाद से क्षतिग्रस्त पिंडारी गलेशियर ट्रैकिंग रूट नहीं सुधारा जा सका है। द्वाली में ट्रैकिंग रूट खराब है।
हालांकि सरयू के उद्गम स्थल सरमूल-सहस्त्रधारा में 36 लाख 36,000 रुपये की लागत से 120 मीटर लंबा पथ बना है। दो व्यू प्वाइंट भी बनाए गए हैं। सरयू मंदिर परिसर के विस्तारीकरण के साथ ही धर्मशाला का निर्माण हुआ है। बागनाथ धाम में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय, धर्मशालाओं का निर्माण, काल भैरव मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है। मगर पर्यटन विकास की तमाम योजनाएं अब भी फाइलों में कैद हैं।
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मानस खंड योजना के तहत 16 मंदिर चिह्नित
बागेश्वर। सरकार की मानस खंड योजना के तहत जिले के 16 मंदिर चिह्नित हैं। इनमें बागनाथ मंदिर, कोटभ्रामरी, शिखर मूलनारायण मंदिर, बैजनाथ मंदिर समूह, सरयू मंदिर, भद्रकाली, कुकुड़ामाई, नीलेश्वर, चंडिका मंदिर, चिल्ठामाई मंदिर, नौलिंग मंदिर, बजैण, पांडुस्थल आदि शामिल हैं। देवलधार में 87 लाख रुपये की लागत से पर्यटक आवास गृह बनाया जाना है। मगर अभी मामला फाइलों में है।
138.49 लाख से बनेंगे नौ ट्रैकिंग रूट
बागेश्वर। जिले में 1,38,49,000 रुपये की लागत से नौ नये ट्रैकिंग रूट का निर्माण प्रस्तावित है। नए ट्रैकिंग रूट में खाती-झूनी-मिकिलाखलपट्टा (भैंसियाखरक)-रामगंगा, कर्मी विनायक-कर्मी, चिल्ठा-सूपी-चिल्ठा-सूपी, झोपड़ा-शिखर-धरमघर, बघर-तोली-गर्जिल-सुकुंडाताल-जगथाना-सुअरखाली-पांडुस्थल-लमचूला-सलानी, बागेश्वर-कुकुड़ामाई-गढ़खेत, कौसानी-ऐकुवा बिनसर-गिरेछिना-मल्लिका मंदिर-कनगाड़छीना, रैखोली-कनगाड़छीना, पालड़ी गोलू मंदिर-जड़ियाखाली-लेटी गोलू मंदिर, कौसानी-सूपताल-लोहागढ़ी-अंग्यारी महादेव-बीनातोली शामिल हैं। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
मानस खंड योजना में शामिल मंदिरों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। नये ट्रैकिंग रूट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। - कीर्ति चंद्र आर्या, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर।
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