अब शहर के पालतू कुत्तों के गले नगर पालिका का टोकन नजर आएगा। नगर पालिका ने कुत्ते पालने वालों के घरों का चिन्हीकरण शुरू कर दिया है। बिना टोकन के पालतू कुत्ते पकड़े जाने पर जुर्माना ठोंका जाएगा।
नगर पालिका के मुताबिक शहर में कुत्ता पालने और सड़क पर टहलाने के लिए लाइसेंस जरूरी होता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को नगर पालिका में कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन करना होता है। इस आवेदन में कुत्ते का नाम, नस्ल, उम्र, घर का पता, पशुपालक का ब्योरा होता है। इसके बाद पालिका एक टोकन नंबर जारी करती है।
इस टोकन को पालतू कुत्ते के कॉलर के साथ पहनाया जाता है ताकि पालतू और आवारा कुत्तों में अंतर हो सके। पालिका ने इस बाबत शहर के सभी 11 वार्डों में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही पालिका कर्मियों को भी कुत्ते पालने वालों के घरों का चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं।
कुत्तों को पालने के लिए नगर पालिका का लाइसेंस बेहद जरूरी है, बिना लाइसेंस कुत्ता पालते पकड़े जाने पर एक हजार का जुर्माना देना होगा। फिलहाल पालिका शहर वासियों को लाइसेंस बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। -राजदेव जायसी, ईओ नगर पालिका बागेश्वर
बढ़ सकता है शुल्क
ईओ राजदेव जायसी के अनुसार अभी कुत्ता पालने का लाइसेंस बनाने का शुल्क 15 रुपये है। पालिका के मुताबिक कुत्ता सड़क पर टहलता है और सड़क पर ही शौच करता है। सड़क की सफाई का जिम्मा नगर पालिका का होता है ऐसे में 15 रुपये शुल्क बेहद कम है। इसे 150-250 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है हालांकि यह अभी तय नहीं हुआ है।